Stem cell therapy

This page is to describe ‘Stem Cell Therapy’. हर व्यक्ति को यह जानना होगा कि शरीर में हमेशा किसी न किसी अंग या प्रक्रिया में डिफेक्ट आता रहता है. और शरीर उसको मरम्मत करता रहता है. जैसे- जब किसी व्यक्ति की हड्डी टूट जाती है तो वो हड्डी टूटने के बाद खुद ही जुड़ जाती है. उसका सिर्फ एलाइनमेंट ही डॉक्टर करते हैं. एलाइनमेंट करने के बाद टूटी हुई हड्डियां अपनेआप ही जुड़ जाती है. इसी तरह जब कभी किसी के शरीर में कोई घाव होता है या किसी चीज़ से शरीर का कोई अंग कट जाता है तो शरीर स्वयं उसे ठीक कर लेता है. ऐसा नहीं है कि किसी बाहरी सामान के प्रयोग से शरीर ठीक होता है. शरीर अपना मरम्मत खुद करती है. ये सभी दिखने वाली चीज़ें हैं.

Stem Cell replaces dead cells

शरीर के अन्दर किडनी, लीवर, आँख, रेटिना, मसल्स हैं. इन सभी की कोशिकाओं का रिप्लेसमेंट होता रहता है. ऐसा नहीं है कि आज जो किडनी बन गया उसकी कोशिकाएं हमेशा वैसी ही रहेगी. कोशिकाएं रिप्लेस होती रहती है. एक सेल टूटता है तो दूसरा नया सेल उसकी जगह ले लेता है. यह प्रक्रिया चलती रहती है. यह प्रक्रिया कैसे चलती है?