cancer treatment

Why our treatment better than chemotherapy

Advantages of our treatment over chemotherapy

  • Toxicity of Treatment: Cytotoxic drugs used in Chemotherapy  to kill cancer cells which act on DNA of cells. While our treatment uses energy metabolism of cancer cell as a target. These cytotoxic drugs are very harmful to patients with side effects like secondary cancer and sudden death etc.
  • Selectivity in killing cancer cells: Since there is no difference in DNA between cancer cells and normal cells, chemotherapy cannot kill cancer cells without killing normal cells. While our treatment utilizes energy metabolism of cancer cells. Since energy metabolism of cancer cells is anaerobic in nature while normal cells use mostly aerobic respiration. That is how cancer cells are selectively killed by our treatment.
  • Harmful effects of treatment: Our treatment is harmless while chemotherapy is harmful due to use of poisonous cytotoxic drugs.
  • Success rate: Success rate or 5-year survival rate of chemotherapy is only 2% while our treatment can give more than 60 % five-year survival rate. Please click link here to know the proofs from developed countries.
  • Quality of Life: Our Treatment improves quality of life while chemotherapy deteriorates the quality of life of cancer patients.
  • Life expectancy and Survival: Survival and longevity reduce in chemotherapy while life expectancy and quality of  life increases in our treatment.

Chemotherapy or Naturopathy/Metabolic Treatment

Chemotherapy से कैंसर के मरीजों की जान जा रही है. वास्तव में चिकित्सा विज्ञान भ्रमित है.

चिकित्सक बड़े से ट्यूमर को देखकर सोचते हैं कि उसको हटा देंगे तो बीमारी ठीक हो जाएगा. उसको निकालने के लिए या तो रेडिएशन देते हैं या फिर सर्जरी करके निकाल देते हैं या नहीं तो फिर कोई ज़हरीला सामान (जिसको कीमोथेरेपी बोलते हैं) ब्लड में दे दिया जाता है जो वहां जाकर उन कोशिकाओं को मार देगा. लगभग सौ वर्षों से यह सब हो रहा है. Chemotherapy (कीमोथेरेपी), रेडियोथेरेपी और सर्जरी कैंसर के उपचार में वर्षों से हो रहा है. लेकिन कैंसर से पहले जितने लोगों की मौत होती थी. आज उससे ज्यादा लोग मर रहे हैं. लोगों को यह कहकर गुमराह किया जाता है  कि कीमोथेरेपी देकर उनकी आयु बढ़ाई जा सकती है लेकिन सच बिलकुल उल्टा है. कीमोथेरेपी लेने के बाद तुरंत ही मरीज़ की मौत हो जाती है, क्योंकि कीमोथेरेपी का सिद्धांत ही गलत है. इस विषय में वैज्ञानिक 100% गलत हैं  कि कीमोथेरेपी से कैंसर की कोशिकाओं को मारा जा सकता है.

कीमोथेरेपी (Chemotherapy) से शरीर के हर एक कोशिका को मारा जा सकता है, लेकिन कैंसर की कोशिकाओं को नहीं. लोगों को इस बात से भी गुमराह किया जाता है कि जितनी जल्दी कैंसर के मरीजों को पहचान लिया जाएगा. उतनी ही ज्यादा सम्भावना रहेगी उनके बचने की. लोगों के बीच इस खबर को फैलाया गया है कि एडवांस स्टेज में कैंसर के मरीजों को नहीं बचाया जा सकता. जबकि शुरूआती स्टेज के मरीजों को बचाया जा सकता है.

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चिकित्सा व्यापार के लोग Chemotherapy के लिए कैसे भ्रमित करते हैं?

The truth about early diagnosis of cancer.

शुरूआती जांच में जितने लोगों को कैंसर से पीड़ित बताया जाता है. उसमे 99% लोगों को कैंसर रहता ही नहीं है. उन 99% लोगों की स्थिति, कैंसर के मरीजों की तरह (Cancer like condition) होती है. उस Cancer like condition में कम डोज वाला कीमोथेरेपी देकर ब्रांडिंग किया जाता है. कि यह मरीज़ कीमोथेरेपी से ही ठीक हुआ है. जबकि वास्तव में उस मरीज़ को कैंसर था ही नहीं.

They are not treating cancer. They are treating cancer like condition in the early stage of cancer.

लेकिन लोगों को बताया जाता हैं कि वह मरीज़ (Chemotherapy) कीमोथेरेपी से ठीक हुआ है. हमें पूरी तरह विश्वास दिला दिया जाता है कि कैंसर के मरीज़ कीमोथेरेपी से ठीक हो रहे हैं. लेकिन अगर किसी को वास्तव में कैंसर हो जाय और उसे फुल डोज वाली कीमोथेरेपी दी जाय (कम डोज नहीं, फुल डोज जिससे कैंसर की कोशिका मर सके), तो थोड़े ही समय बाद मरीज़ की ही मृत्यु हो जाती है.

यही वजह है कि जितने भी मरीज़ बड़े अस्पताल जाते हैं. टाटा इंस्टिट्यूट हो या AIIMS. उन सब की मौत हो जाती है. जिंदा वही लौट पाते हैं. जिनको कैंसर नहीं है और कम डोज वाला कीमोथेरेपी दिया जाता है. और लोगों को यह भ्रम हो जाता है  कि उसका कैंसर कीमोथेरेपी से ठीक हुआ.

Blood Cancer अलग-अलग तरह का होता है. लेकिन इसके बारे में भी लोगों को यही पता है. कि यह (Chemotherapy) कीमोथेरेपी से ठीक होता है.

चिकित्सक Morphologically different चीज़ों को भी कैंसर बोल देते हैं. LEUKOCYTOSIS को भी कैंसर के रूप में देखा जाता है. यदि किसी का WBC बहुत ज्यादा हो गया है. तो उसे भी कैंसर बता दिया जाता है. WBC के बढ़ जाने के कई वजह हैं. यह कैंसर नहीं है. लेकिन उसको कैंसर बताकर कम डोज वाला कीमोथेरेपी दे दिया जाता है.

हर ओंकोलोजिस्ट को पता है कि कीमोथेरेपी से मरीज़ जिंदा नहीं बचता है.  कीमोथेरेपी वास्तव में मानवता के खिलाफ एक षड़यंत्र है.

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